कांग्रेस के पूर्व जिला प्रमुख 'भगवती लाल रोत' ने माफी मांगते हुए नाक क्यों रगड़ी? यहां जाने!
राजस्थान सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की वजह से सियासी सरगर्मी सातवें आसमान पर है। पांच राज्यों में से तीन राज्यों- छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और मिजोरम में मतदान हो चुका है। छत्तीसगढ़ में मतदान 12 नवंबर एवं 20 नवंबर को था, जबकि मध्यप्रदेश एवं मिजोरम में 28 नवंबर को मतदान पुरा हुआ। दो राज्यों- राजस्थान तथा तेलंगाना में मतदान बाकी है। इन दो राज्यों में 7 दिसंबर को मतदान है। इसी बीच राजस्थान के डुंगरपुर में कांग्रेस के पूर्व जिला प्रमुख 'भगवतीलाल रोत' चुनावी रैली से वापस जा रहे थे। रास्ते में वापस जाते समय उनकी गाड़ी से कीचड़ उछला, जो किनारे खड़े लोगों पर पड़ा। इससे गुस्साए लोगों ने बाइक से 'रोत' की गाड़ी का पीछा किया और पकड़कर नाक रगड़ते हुए माफी भी मंगवाई।
हुआ यूं कि राजस्थान के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष 'सचिन पायलट' की डुंगरपुर में जनसभा थी। जनसभा समाप्त होने बाद पूर्व जिला प्रमुख 'भगवतीलाल रोत' वापस लौट रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भेमई गांव से गुजरते वक्त सड़क के किनारे खड़े लोगों पर उनका गाड़ी से कीचड़ उछलकर पड़ गया। इसके बाद लोगों ने मोटरसाइकिल से पीछा करके झोंसवा गांव के पास 'रोत' को रोक लिया और जमकर हंगामा खड़ा करते हुऐ 'रोत' को माफी मांगने पर मजबूर कर दिया। देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ जुट गई और भरे बाजार में 'रोत' को माफि के अलावा सड़क पर नाक भी रगड़नी पड़ी। वहां खड़े लोगों ने अपने मोबाइल से इस पूरे वाकये का वीडियो बना लिया और देखते ही देखते यह वायरल हो गया। गाड़ी पर लगे नंबर प्लेट के साथ नेताजी का राजनीतिक बायोडाटा भी लिखा हुआ था, जिसमे नेता प्रतिपक्ष जिला परिषद और पूर्व जिला प्रमुख लिखा हुआ था।
सुनने में तो आश्चर्य लग रहा है कि एक नेता को नाक रगड़कर माफी मांगनी पड़ी। लेकिन भारत एक लोकतांत्रिक देश है और कहते हैं कि लोकतंत्र में जनता ही जनार्दन होती है। जनता जब अपने पर आ जाती है, तो किसी भी पार्टी का बड़े से बड़ा नेता भी जनता के आगे नाक रगड़ने के लिए मजबूर हो जाता है। नेताजी अपनी गलती के लिए माफी भी क्यों न मांगे! चुनाव जो सर पर है! आगामी 7 दिसंबर को राजस्थान में मतदान होने वाला है, इसे देखते हुए 'रोत' ने जल्दी से सबके सामने नाक रगड़ते हुए माफी मांगना ही उचित समझा। नेता जब सत्ता में होते हैं तो वे जनता को अपने आगे नाक रगड़ने और घुटने टेकने के लिए मजबूर कर देते हैं, लेकिन जब चुनाव आता है तो जनता को अपने आगे घुटने पर बैठाने और नाक रगड़ने के लिए मजबूर करने वाले नेता उसी जनता के आगे के हाथ फैलाते हुए घुटने के बल बैठकर वोट की भीख मांगते हैं। जनता के पास भी अवसर होता है कि जिस नेता ने उसे 5 वर्ष परेशान किया है, उसे वो सबक सिखाए और वर्तमान समय में जनता अपने इस कर्तव्य का बखूबी पालन कर रही है।
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