The Truth

कथित #चचा नेहरू जी की कारस्तानी और षड्यंत्र का अगर जायजा लेना हो तो आपको जम्मू कश्मीर विधानसभा की सीटों का विश्लेषण करना होगा  :- 
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मित्रो J & K का वास्तविक क्षेत्रफल 222236 वर्ग किलोमीटर है, इसमें से भारत के पास सिर्फ 101387 वर्ग किलोमीटर इलाका है जो लद्दाख, जम्मू और कश्मीर तीन हिस्सों में विभक्त है, और तीन हिस्सों की अपनी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत है। 
 लद्दाख के लोग बौद्ध धर्म को मानते हैं, जम्मू के लोग हिन्दू धर्म के अनुयायी हैं और कश्मीर घाटी में इस्लाम का वर्चस्व है। 
 इन तीनो क्षेत्रों में सबसे बड़ा भाग है लद्दाख का जिसका कुल इलाका है 59146 वर्ग किलोमीटर यानि कुल क्षेत्र का 58% पर उन्हें राज्य की कुल 87 विधान सभा की सीटों में से सिर्फ 4 सीटें दी गयी है और 6 लोकसभा सीटों में से सिर्फ 1 सीट... जम्मू का इलाका है 26293 वर्ग किलोमीटर यानि कुल क्षेत्रफल का लगभग 26% पर इसके हिस्से में 2 लोकसभा सीट हैं और 37 विधान सभा सीटे, अब आईये देखते हैं कश्मीर घाटी की स्थिति.......इसका कुल इलाका है 15948 वर्ग किलोमीटर यानि कुल इलाके का 15% पर इसे 3 लोक सभा हासिल हैं यानि कुल लोकसभा सीटों का 50% और इन कश्मीरियों ने नेहरू की मूर्खता का फायदा उठा कर 46 विधान सभा सीटें अपने कब्जे में कर रखी है यानि कुल सीटों का 54% इस गुंडागर्दी का ही नतीजा है की आज तक जितने भी मुख्यमंत्री बने हैं सब घाटी से।
 केंद्र से जो अनुदान मिलता है उसका 80% भाग कश्मीरी डकार जाते हैं जो अंत में आतंकवादियों/अलगाववादियो के हाथों में पहुँच जाता है।
 अब समय आ गया है की कश्मीरियों की इस गुंडागर्दी को रोका जाये। तीनो क्षेत्रों के बीच विधानसभा की सीटों का बंटवारा उनके क्षेत्रफल के हिसाब से हो; यानि लद्दाख को 58% सीटें मिलें, जम्मू को 26% और कश्मीर को 16% तभी पूरे राज्य के लोगो के साथ न्याय हो पायेगा। धारा 370 तो जब ख़त्म होगी सो होगी पर कम से कम राज्य की विधानसभा की सीटों का तो तर्कसंगत और न्यायसंगत बंटवारा पहले हो सकता हैं ताकि जम्मू और लद्दाख के साथ जो भेदभाव हो रहा है वो ख़त्म हो।
 कितने मरे वो छोडिए... 600 आतंकीयों को अंधा कर दिया गया है ... !! 

मान गए डोभाल साहेब... 
हाल ही मे काश्मीर में इजरायल स्टाईल में पेलेट बुलेट से फायरिंग करवा के आतंक समर्थको को जबरदस्त पीडा दी...वो दोगले अंधे कर दिये गए !! 
 ६०० आतंकियो की सिर्फ आंख को टारगेट बनाया गया था... ऐसे शार्प शूटर्स इजरायल की मौसाद और हिन्दुस्तानी आर्मी के अलावा कहीं नहीं मिलेंगे !
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""ये पत्थर बाज जेहादी ऐसे तड़प रहे थे कि जैसे मछली को पानी के बाहर फेंक दिया गया हो""

सर्जिकल आपरेशन कर भारत की आर्मी ने वह काम कर दिखाया, जिसके आगे इजराइल की मोसाद और अमेरिका की सीआईए भी लोहा मान गई !
उधर भारत की सेना ने मात्र तीन दिन के भीतर कश्मीर को घुटनों पर लाकर रख दिया था, तीन दिन पैलेट की फायरिंग में मात्र ४३ पत्थरबाज मारे गए, और ६०० पत्थरबाजों ने अपनी आँखें हमेशा के लिए खो दी ! 

वो तो जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार आयोग हाय-तौबा न मचाता तो आज वहाँ का नजारा कुछ और होता। 
मात्र ५०० रुपये के पत्थरबाज़ी के लिए इन जाहिलों ने अनमोल आँखों की रौशनी खो डाला ! 
 अच्छा ही है जिन आँखों में भारत की नफरत का खून दौड़ता था, अब वो हमेशा के लिए बुझ गईं !!!
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और हाँ... आने वाले वक्त में अगर आपका कभी कश्मीर जाना हो तो इन भीख मांगते अंधे भिखारियों (पत्थर बाजो) पर रहम न 
कीजिएगा !!!
                    

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